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Anup Nanaware- The Birthday Boy

 अनुप भाया, कल तेरा जनमदिन था और मैने मेरे जिग्रे यार

को सिम्पलसा विश भी नही किया
,

जनमदिन के दुसरे दिन तू ओ खाली खाली वाला फील, फील ना करे इसीलीये मैने मेरी पोस्ट को एक दिन बाद स्केड्युल किया!

हर्षद की मोडकी तोडकी हिंदी तुझे बहोत भाती ये मै जानता,
उसी स्टाईल मे बीच बीच में लिखनेका बारुकुसा प्रयत्न भी करता!

बाकी तेरे माफिकीच अपना यमक भी तुझे मालूम युं जुळ जाता,
फर्क बस इतना तेरेकू जागेपैच सुचता मुझे बस ऐसे कीबोर्ड वगैरा लगता!

एक ही किस्सा सौ से भी जादा बार सुनाने का स्किल तू पझेस करता,
पर सच मान भाई तेरी बताने की अदा की वजहसे ओ हरबार सुनने में प्यारा ही लगता!

तेरे साथ कोई भी मूव्ही देखने जावो तब तू पेहले दस पंधरा मिनिट तो हमखास अल्ला को प्यारे करता,
पर मुव्ही के एन्ड तक मूव्ही के साथ तेरी रनिंग कॉमेंटरी शुरु रख साइड वाले का दिल भी बेहलाता!

जानेदे अब तेरी तरह वायफळ बडबड में जादा टाइम ना बिताये डायरेक्त मै टॉपिक पे आता,
वरणा तू भी बोलेगा डायरेक्त शुभेच्छा लिख ना भाई कायको ऐसे अडगापणा करता!

इस साल जीस दिन बाप्पा एक्झिट ले रहे उस तारीखपे तू कुछ साल पेहले संसार में एन्ट्री मारा था,
आनंद के होने के आनंद के बाद, अनुप के रूप में आये तेरे रूप से फिरसे ननावरे खानदान में आनंद की लेहर लाया था!

सुना है तेरा आज का ओ गोरा चिट्टा चिकना रंग तो बचपन से था,
उंची के मॅटर की वजह से भारत विद्या मंदिर की लाईन्स में तू हमेशा एक नंबर पे रेहता था!

वाय सी सायन्स का स्टुडंन्ट तू मेरी जिंदगी मे बीसीएस के सेकंड यिअर मे आया,
तेरा ओ अमीर स्टाईल ब्रॉड रेंज वाली एक्सप्रेसिव्ह आवाज का थ्रो भाया, आपुन को था बहोत भाया!

जीस खेल ने तेरा पुरा करियर दांव पे लगा दिया था उस क्रिकेट पे तू उस हाल मे भी दिलो जान से मोहब्बत करता था,
सचिन को भगवान समझने वाला तू कैफ जैसो का भी आदर करता था!

आक्रमक खेलना कभी तुझे आया नही, डिफेनसिव्ह खेलने वाला तू रेहमदिल था,
तेरी स्लो, फ्लायटेड स्पिन बॉलिंग से तू बल्लेबाजो पे भी रेहम करता था!

वैसे कहा से लाया कहा से इतना रेहम तू थारे क्रिकेट मे भाया?
'अनप्या मार अनप्या मार' ऐसे हमेशा बेंबी के देठ से चिल्लानेवाले उस नान्या का अब तक कितना सारा खून तुने पिया?

उस बीसीएस के टाइम तू मुझे कॉलेज मे कम झेडपी के ग्राउंड पे ही जादा मिला,
बाद मे तू उस एलिक्झिर स्पिकिंग इन्स्टिट्यूट का एलिक्झिर भी हुआ!

वहा पे तू क्या क्या गुण उधळ्या तेरे नान्या कोच माहित,
जास्ती खोली मे नही जाता, गया तो तेरी हवा होगी टाईट!

बाद मे हमारे अनुपजी एमबीए कॉलेज मे ऍडमिट हो गये,
सम्या गौऱ्या विक्या दिपऱ्या वाले दोस्तो की जगह सर, हरी, मयऱ्या वगैरे आ गये!

एमबीए करणे के बाद बटोरे हुये ग्यान का इस्तमाल अनुप तुने डीएसके के शोरूम मे किया,
वहा तजुर्बा लेकर सर के साथ तुने वॉटर गिझर बिठाने का बिझनेस भी किया!

फिर घर की खुद की महाराष्ट्र इनामेल नामक कंपनी के मार्केटींग की जिम्मेदारी तुने ली,
खुद की कंपनी का विस्तार करके उसे एक नई उंचाई देणे की ठाण तुने ली!

हर्षद के साथ रेह रेह कर बनी तेरी अतिशुद्ध बामणी स्टाईल मधुर वाणी से तुने लोगो को प्रभावित करणा शुरु किया,
मार्केट को धिरे धिरे जाणते हुये तुने बडे अभिमान से खुद की महाराष्ट्र इंटरप्रायझेस नामक फर्म का निर्माण कर दिया!

इसी बीच अनुप तेरी जिंदगी मे कोमल आई,
उसकी कोमलता से तेरी जिंदगी मानो निर्मलसी हो गई,
कोमल की निर्मलता बता ने वाली कविता भी तुने हाली मे लिखि,
अब तो छोटे अनुप की एन्ट्री से दोनो की जिंदगी ढेर सारी खुशीयों से भर गई!
ये बिता हुआ साल तेरे लिये बहोत हि येहम था मेरे यार,
क्युकी लाडले बच्चे के रूप में इस साल मे रंग लाया है तेरा प्यार,
कोमल ने ही लीखे जैसे सीट बेल्ट लगा के अब तुझे उडान भरणी है,
एक यशस्वी जीवन की नई उंचाइया तुझे पार करणी है,
हौसले तो तेरे बुलंद है ही बस उन्हे मेहनत की जोड देणी है,
उस मेहनत की लगण से सामने आई रुकावट की हर बेडी तोड देणी है,
अनुप सर हमें तो बस आप को आपके जनमदिन की ये शुभकामनाये देणी है,
बाकी कैसे भी करके आगे जाके जीवन के इस बेहते पाणी में आग तो आप ही को लगाणी है,
जीवन के इस बेहते पाणी में आग तो आप ही को लगाणी है!

जनमदिन की ढेर सारी शुभकामनाये Anup!

 

-D for Darshan

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