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जिंदगी का सफर, है ये कैसा सफर....

जिंदगी का सफर, है ये कैसा सफर, 
कोई समझा नही, कोई जाना नही
है ये कैसी डगर, चलते है सब मगर,
कोई समझा नही, कोई जाना नही!"

किशोरदा ने सफर मूव्ही में गाया काका पे चित्रित हुआ ये गाना! बस इन दो अंतरो में उलझी कुछ चंद पंक्तीयां इस जीवन का कितना गेहरा सार बया कर देती है।
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हम कौन है, कहाँ से आये, कहाँ जायेंगे खुद से पूछ के तो देखे 
सोचते रेह जायेंगे पर जवाब ना मिल पायेगा 
आओ एक बार इस इन्सानियत के आईने में झाक के तो देखें!

जिंदगी मिली है तो फुलों के भांती मेहकना सीखे
ये जात पात धरम वरम कहाँ लेके जायेंगे 
आओ हम सच्चे प्यार की लेनदेन ही करना सीखे!

रोते हुए आते है लेने इस जमाने की सीख,
जाते समय अपनो को रुलाके जाते हैं,
आओ इन दो रोनों के बीच अमनोख़ुशी से जिना तो सीखे!

कौन अपना कौन पराया ये हम क्यूँ देखे
हम तो है सभी के, माने सब है हमारे
आओ, मेहफुज होगा जीवन गर इस नजर से हम जहाँ को देखे!

- D for Darshan

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