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फुल आनंद के खिलावे रे!

जो कुछ तेरे पास नहीं
कोई ना तुझको देवे है

तेरी कमियाँ सबसे बेहतर
तू ही बेटा जाने है!

जानके उन कमीयों को
दूर तुझे प्यारे करना है
स्वयं खुदका जोहरी बन
उस हिरे को तराशना है!

ख्वाब तेरी मंझिल है
हकीकत के रास्ते चलना है
खयालोंको मित्र बना खुदिको
ग्यान का पाठ पढाना है!

अच्छे खयाल सच्चे ग्यानसे
मन गुलशन हो जावे रे
लगनसे किया हर सफर फिर
फुल आनंद के खिलावे रे,
फुल आनंद के खिलावे रे!

- D For Darshan

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